कल्याण - २ अगस्त, २०२३
नेशनल पेमेंट्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) पर जुलाई में ९९६ करोड़ ट्रांजैक्शन रजिस्टर किए गए। जिसका मतलब है कि जून महीने के मुकाबले यह ६.६% तक बढ़ गया। इन ट्रांजैक्शनों का कुल राशि रुपये १५.३४ लाख करोड़ रहा, जो आर्थिक गतिविधियों के उतार-चढ़ाव के संकेत के रूप में है।
यूपीआई के माध्यम से लिए गए इन व्यापारिक ट्रांजैक्शन का बढ़ते हुए प्रचुरता के पीछे कई कारण हैं। एक तो ऑनलाइन खरीदारी में वृद्धि और व्यावसायिक व्यवहार के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले यूपीआई के फायदे। दूसरा कारण बैंकिंग सेवाओं के आधुनिकीकरण और नए यूपीआई उपयोगकर्ताओं के आगमन की वजह से बढ़ते हुए ट्रांजैक्शन रहे।
इस अद्भुत वृद्धि के अलावा, डिजिटल पेमेंट्स के प्रोन्नति के लिए सरकार द्वारा कई पहलुओं की गई है। डिजिटल इंडिया के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार ने भी कई कदम उठाए हैं। इसके परिणामस्वरूप, यूपीआई पर पेमेंट्स के लिए उपयोग की जाने वाली डिजिटल तकनीकों ने सुविधाएं बढ़ा दी हैं, जिससे व्यापारियों के लिए सहज और तेजी से पेमेंट करने का सुनहरा मौका प्राप्त हुआ है।
वित्तीय वर्ष के जुलाई महीने में देश में सामान्यत: बारिश के दौरान आर्थिक गतिविधियों में थोड़ी गिरावट देखने के चलते, इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बाजार में तेजी के साथ यूपीआई पर ट्रांजैक्शन की वृद्धि भी एक राहत की खबर है, जो आर्थिक सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता के संकेत के रूप में विशेष महत्व रखती है।
यूपीआई के माध्यम से ट्रांजैक्शन करने वाले उपयोगकर्ताओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही, उदाहरणार्थ, आधार कार्ड और भारतीय फोन पेमेंट
सिस्टम के प्रचलित होने से उपयोगकर्ताओं को अधिक आसानी हो रही है। ऐसे में, यूपीआई के रजिस्टर्ड ट्रांजैक्शनों की वृद्धि विकास के प्रमुख चरणों में से एक के रूप में देखी जा सकती है।
नेशनल पेमेंट्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने इस मौके पर एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, "यूपीआई पर रजिस्टर किए गए ट्रांजैक्शनों में दर्शाई गई बढ़त व्यावसायिक गतिविधियों के एक सकारात्मक संकेत के रूप में है। यह साबित करता है कि देश के वित्तीय संरचना में डिजिटलीकरण की योजना कामयाबी से आगे बढ़ रही है।"
इस समय, विश्व में डिजिटल पेमेंट्स के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है, जिससे भारत के लोग भी इस समृद्ध विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। यूपीआई पर रजिस्टर किए गए ट्रांजैक्शनों में हुई इस बढ़ती हुई गति के बारे में सूचित होने पर, लोगों के बीच डिजिटल पेमेंट्स के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
सोचते हैं, भारत सरकार के इस प्रोत्साहनीय प्रयास के साथ, यूपीआई पर रजिस्टर किए गए ट्रांजैक्शनों की वृद्धि आने वाले समय में और तेज होगी। डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए और भी अधिक प्रयास किए जा रहे हैं और यूपीआई के रिकॉर्ड ट्रांजैक्शन इसी दिशा में एक प्रमुख कदम हैं।
इस समाचार ब्लॉग में, हमने यूपीआई पर जुलाई महीने के ९९६ करोड़ रजिस्टर्ड ट्रांजैक्शनों के बारे में बताया है, जिसमें जून के मुकाबले ६.६% तक की वृद्धि देखी गई। इन ट्रांजैक्शनों का कुल राशि रुपये १५.३४ लाख करोड़ रहा, जो देश की आर्थिक गतिविधियों के उतार-चढ़ाव के संकेत के रूप में विशेष महत्व रखता है। यह बढ़ते हुए ट्रांजैक्शन आर्थिक सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता के संकेत के रूप में देखा जा सकता है जो देश के वित्तीय संरचना में डिजिटलीकरण की योजना के कामयाबी का साक्षात्कार है।
आइये
डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में साथ दें और यूपीआई पर रजिस्टर किए गए ९९६ करोड़ ट्रांजैक्शन के बारे में जागरूक होते हैं। नेशनल पेमेंट्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया के ये प्रयास देश को विश्व में डिजिटल पेमेंट्स के क्षेत्र में उच्च स्थान प्रदान करने में सफल रहे हैं और यूपीआई के रजिस्टर्ड ट्रांजैक्शन की बढ़ती हुई गति इस सफलता के सबूत हैं। इस विकास में भाग लेने से आपका योगदान भी महत्वपूर्ण है, तो चलिए, हम सभी मिलकर डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की ओर एक कदम आगे बढ़ते हैं।
संयुक्त राष्ट्र इंटरफेस पर रजिस्टर्ड ९९६ करोड़ ट्रांजैक्शनों के साथ ही हमें आत्मनिर्भर भारत की ओर एक सशक्त यात्रा बढ़ाने के लिए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। इस सफलता को और अधिक बढ़ाने के लिए भारत सरकार, NPCI, और सभी नागरिकों के मिलकर प्रयास करने से ही हम भारत को एक आदर्श और प्रगतिशील राष्ट्र बना सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए, NPCI के आधिकारिक वेबसाइट पर दौरा करें।




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